भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। Grant-in-Aid से Loan-in-Aid की ओर बढ़ता कदम केवल वित्तीय बदलाव नहीं है, बल्कि यह शिक्षा की पूरी संरचना को प्रभावित कर सकता है।
जहाँ Grant-in-Aid शिक्षा को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखता है, वहीं Loan-in-Aid उसे वित्तीय दायित्व में बदल सकता है। Read More...